आत्मसंवाद : एक गीत पृष्ठ / 5
सभी चल रहे आंख मूंदकर उंगली पकड़ इशारे की।
उंगली जिसको करती इंगित खबर नही उस प्यारे की।।
किस कुनबे की लंबी उंगली किसकी कितनी छोटी है!
असली है बस अपनी समझो शेष सभी की खोटी है।।
कुछ तो बहुत पुरानी हैं, अब तो उनको काटो, फेंको।
कहते हैं सब उंगली वाले सिर्फ उन्ही की चाटो, देखो।।
धर्म -ध्वजा के वाहक हैं ले उंगलियां घूम रहे हैं।
इंसानों का खून बहाकर वे उंगलियां चूम रहे हैं।।
अँगुलियों की माला पहने कई अंगुलीमाल घूमते।
अपने -अपने अहंकार की बेहोशी में खूब झूमते।।
देखो , कितना कहर मचाया ईश्वर ! तेरे बंदों ने।
अपने हाथों आग लगाई अपने ही घर अंधों ने।।
वेद-उपनिषद-गीता, धम्म, अवेस्ता,बाइबिल या कुरान ।
ये हैं अद्भुत उंगलियां जो करे इशारों में पथ - ज्ञान।।
मैं कहता हूं छोड़ उंगलियां किधर इशारा है देखो।
दरिया कोई भी रहने दो किधर किनारा है देखो।।
16/05/2018
उंगली जिसको करती इंगित खबर नही उस प्यारे की।।
किस कुनबे की लंबी उंगली किसकी कितनी छोटी है!
असली है बस अपनी समझो शेष सभी की खोटी है।।
कुछ तो बहुत पुरानी हैं, अब तो उनको काटो, फेंको।
कहते हैं सब उंगली वाले सिर्फ उन्ही की चाटो, देखो।।
धर्म -ध्वजा के वाहक हैं ले उंगलियां घूम रहे हैं।
इंसानों का खून बहाकर वे उंगलियां चूम रहे हैं।।
अँगुलियों की माला पहने कई अंगुलीमाल घूमते।
अपने -अपने अहंकार की बेहोशी में खूब झूमते।।
देखो , कितना कहर मचाया ईश्वर ! तेरे बंदों ने।
अपने हाथों आग लगाई अपने ही घर अंधों ने।।
वेद-उपनिषद-गीता, धम्म, अवेस्ता,बाइबिल या कुरान ।
ये हैं अद्भुत उंगलियां जो करे इशारों में पथ - ज्ञान।।
मैं कहता हूं छोड़ उंगलियां किधर इशारा है देखो।
दरिया कोई भी रहने दो किधर किनारा है देखो।।
16/05/2018
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